||| देख लू एक बार दुनिया को |||
उड़ लू हवा के झोको में
चुंग लू दाना पानी इन्हीं खेतों में
पी लू नदियों की पानी
इन्ही हवा के झोको में
देख लू एक बार... दुनिया को
फिर चाहे रखना किसी कमरे मे
छोड़ी संसार, छोड़ी उम्मीदें
बस सिर्फ रखना हमे पिंजड़े में
पंख काटे तूने... दाना भी देना तू
न उड़ पाऊंगा हवा के झोको में
चुंग न पाऊंगा खेतों में
पंख काटे तूने... रखना पिंजड़े में
न नदिया, पानी, और न खेतों की
हरियाली,
बस एक ही उम्मीद है
देना दाना पानी तू... रखना पिंजड़े में ||
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