अरे! रह गए... थोड़ा पीछे
अरे! रह गए... थोड़ा पीछे
बढ़ने का मौका तो दो
क्या पता शायद आपके करीब अ जाए
एक बार ही सही हाथ बढ़ा कर तो देखो
क्या पता दोस्त बन जाए
एक बार ही सही अपने अन्दर की तो सुनो
क्या पता दिल की भी यही राय हो
अरे! रह गए... थोड़ा पीछे
बढ़ने का मौका तो दो
क्या पता शायद आपके करीब अ जाए
एक बार ही सही हाथ बढ़ा कर तो देखो
क्या पता दोस्त बन जाए
एक बार ही सही अपने अन्दर की तो सुनो
क्या पता दिल की भी यही राय हो
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